BMS, HMS और CITU ने संडे वर्किंग के नगद भुगतान की मांग को लेकर सौंपा संयुक्त मांग पत्र
BHELNEWS24 के लिए Er. Raghvendra Singh Rajpoot की रिपोर्ट
BHEL BHOPAL.
भेल भोपाल प्रबंधन द्वारा मार्च माह में पड़ने वाले पाँच रविवारों में से तीन रविवार कार्यदिवस घोषित किए जाने की तैयारी के बीच भेल की तीनों प्रतिनिधि यूनियनों—BMS, HMS और CITU—ने रविवार कार्य के बदले नगद भुगतान (OT) दिए जाने की मांग को लेकर प्रबंधन को संयुक्त मांग पत्र सौंप दिया है।
यूनियनों ने अपने मांग पत्र में स्पष्ट किया है कि जब भेल की हैदराबाद और तिरुचि (Trichy) इकाइयों में संडे वर्किंग के लिए कर्मचारियों को बेसिक + डीए के आधार पर नगद भुगतान किया जा रहा है, तो फिर भेल भोपाल इकाई में कर्मचारियों को यह सुविधा क्यों नहीं दी जा सकती। यूनियनों का कहना है कि एक ही उपक्रम की विभिन्न इकाइयों में अलग-अलग नियम लागू करना न सिर्फ भेदभावपूर्ण है, बल्कि कर्मचारियों में असंतोष को भी जन्म देता है।
मांग पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रविवार को कार्य कराना सामान्य परिस्थितियों में कर्मचारियों के सामाजिक और पारिवारिक जीवन को प्रभावित करता है, ऐसे में यदि प्रबंधन संडे वर्किंग कराना चाहता है तो उसका उचित मुआवजा नगद भुगतान के रूप में दिया जाना चाहिए।
यूनियनों की इस संयुक्त पहल के बाद भेल भोपाल प्रबंधन के सामने एक नई चुनौती खड़ी हो गई है। जानकारों के अनुसार, अब प्रत्येक तीन माह में दो रविवार कार्यदिवस किए जाने की जो परंपरा अब तक चली आ रही थी, उस पर भी रोक लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल यूनियनों के इस संयुक्त मांग पत्र के बाद सभी की निगाहें प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं, जो आने वाले समय में औद्योगिक संबंधों की दिशा तय कर सकता है।