February 4, 2026 6:57 am

सब-कमेटी बैठक में इंसेंटिव राशि की बढ़ोतरी पर नहीं बन सकी सहमति, वित्त वर्ष के परिणामों के बाद होगी पुनः बैठक

हैदराबाद | BHEL News 24
भेल कर्मचारियों की इंसेंटिव स्कीम के पुनरीक्षण (रिवीजन) को लेकर हैदराबाद स्थित बीएचएल के आर एंड डी कार्यालय में आयोजित सब-कमेटी की बैठक में इंसेंटिव राशि की बढ़ोतरी पर कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा हुई, लेकिन राशि वृद्धि को लेकर मतभेद बने रहने के कारण निर्णय को फिलहाल टाल दिया गया है। अब इस विषय पर इस वित्त वर्ष के रिजल्ट आने के बाद पुनः बैठक आयोजित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
बैठक की शुरुआत में प्रबंधन की ओर से उपस्थित अधिकारियों ने सभी ट्रेड यूनियनों के कर्मचारी प्रतिनिधियों से इंसेंटिव स्कीम से जुड़े नियमों और शर्तों पर विस्तार से चर्चा की। यूनियनों ने अपनी-अपनी आपत्तियां और सुझाव सामने रखे, जिन्हें प्रबंधन द्वारा ध्यानपूर्वक सुना गया।
इंसेंटिव राशि में वृद्धि के मुद्दे पर सीटू सहित अधिकांश यूनियनों ने न्यूनतम ₹8,000 इंसेंटिव की मांग रखी, जबकि प्रबंधन की ओर से वर्तमान इंसेंटिव राशि पर केवल 20 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया। प्रबंधन के इस प्रस्ताव पर कुछ यूनियनो के सहमत होने की जानकारी सामने आई है, वहीं सीटू, बीएमएस और अन्य यूनियनों ने इसे अपर्याप्त बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया।
उपस्थिति और इंडायरेक्ट वर्क से जुड़े कर्मचारीयों पर आंशिक सहमति
बैठक में 18 दिन की अनिवार्य उपस्थिति को घटाकर 12 दिन करने की यूनियन की मांग पर प्रबंधन ने 16 दिन तक लाने का प्रस्ताव रखा, जिस पर आगे चर्चा की संभावना बनी है। वहीं इंडायरेक्ट वर्करों के लिए इंसेंटिव को 0.6 गुना से बढ़ाकर 0.8 किए जाने पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार डायरेक्ट प्रोडक्शन से जुड़े कर्मचारियों—जैसे क्रेन ऑपरेटर, सिलिंगर एवं मेंटेनेंस कर्मचारियों—को 0.8 प्वाइंट इंसेंटिव दिए जाने पर सहमति बनी।
हालांकि ड्राफ्ट्समैन और क्वालिटी विभाग के कर्मचारियों के लिए प्रबंधन 0.8 गुना देने को तैयार नहीं हुआ। प्रबंधन केवल 0.6 गुना से बढ़ाकर 0.65 गुना इंसेंटिव देने पर सहमत हुआ। यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि इस विषय पर और चर्चा आवश्यक है।

बैठक के बाद भेक्टू-सीटू यूनियन के अध्यक्ष लोकेंद्र शेखावत ने कहा कि इंसेंटिव स्कीम से जुड़े कुछ बिंदुओं पर प्रबंधन से सहमति बनने के बाद उन्हें तत्काल लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है, लेकिन इंसेंटिव राशि में प्रस्तावित बढ़ोतरी कर्मचारियों की आकांक्षाओं के ठीक विपरीत थी, इसलिए यूनियन ने उसे स्वीकार नहीं किया।
लोकेंद्र शेखावत ने स्पष्ट किया कि यूनियन का मत है कि इंसेंटिव राशि में सम्मानजनक वृद्धि होनी चाहिए, न कि केवल औपचारिक प्रतिशत बढ़ोतरी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।

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