पुलिस ने बताया कि सोमवार रात खैरटिया गांव रेलवे स्टेशन के पास तेंदुए के हमले में एक 14 वर्षीय लड़के की मौत हो गई। पीड़ित की पहचान जसनगर के राज कमल सिंह के रूप में हुई। हमले के बाद तेंदुआ शव को मौके पर ही छोड़कर पड़ोस के खेतों में गायब हो गया।

मंगलवार की सुबह परिवार के सदस्यों और ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक के पास एक झोपड़ी के पास शव देखा। दुधवा बफर जोन के अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई जिसके बाद उत्तरी निघासन वन रेंज अधिकारी भूपेन्द्र सिंह और उनके कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्हें मौके पर तेंदुए के पगचिह्न मिले।
दुधवा बफर ज़ोन के उप निदेशक कीर्ति चौधरी ने कहा कि लड़का मोहना नदी के पास रेलवे ट्रैक की ओर चला गया था जहाँ एक तेंदुए ने हमला किया और उसे मार डाला। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा।
चौधरी ने कहा कि यह क्षेत्र दुधवा टाइगर रिजर्व (डीटीआर) के जंगलों के पास है और यहां बड़ी बिल्लियों और अन्य जंगली जानवरों की आवाजाही का खतरा है। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कुछ संवेदनशील स्थानों पर चेन-लिंक बाड़ लगाने से पिछले दो वर्षों में बड़ी बिल्लियों के हमलों में मानव क्षति को रोका जा सका है।
स्थानीय ग्रामीणों और किसान संघ के नेताओं ने वन रेंज अधिकारी, पुलिस और निघासन उप प्रभागीय मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समक्ष विरोध दर्ज कराया और पीड़ित परिवार के लिए मौद्रिक मुआवजे और नौकरी की मांग की। उन्होंने अपने क्षेत्र में बड़ी बिल्लियों की आवाजाही को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र की बाड़ लगाने की भी मांग की।











