*मांगों को लेकर गरजा कर्मचारी एकता का स्वर, “कैंटीन चलो” अभियान में सैकड़ों कर्मचारी एकजुट*
भेल भोपाल में इंसेंटिव राशि ₹10,000 किए जाने, लैपटॉप प्रतिपूर्ति प्रारंभ करने तथा ₹50,000 प्लांट परफॉर्मेंस बोनस के लिए जेसीएम बैठक आयोजित किए जाने की मांग को लेकर भेक्टू सीटू यूनियन का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में “कैंटीन चलो” अभियान के तहत शनिवार को सैकड़ों की संख्या में भेल कर्मचारी दोपहर 12 बजे स्टाफ कैंटीन में एकत्रित हुए और सामूहिक भोजन कर प्रबंधन के समक्ष अपनी एकजुटता का जोरदार प्रदर्शन किया।
इस दौरान कर्मचारियों ने काला बैच लगाकर विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों के समर्थन में एक स्वर में आवाज बुलंद की। बड़ी संख्या में कर्मचारियों की सहभागिता ने यह स्पष्ट संकेत दिया कि अब कर्मचारी अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह संगठित और गंभीर हैं।
सीटू यूनियन के कार्यकारी महामंत्री दीपक गुप्ता ने कहा कि यूनियन दिखावे के लिए एक दिवसीय आंदोलन नहीं करती, बल्कि जिस भी मांग को उठाती है, उसे पूरा कराए बिना पीछे नहीं हटती। उन्होंने बताया कि आंदोलन की शुरुआत जंगी द्वार सभा से हुई, इसके बाद पूरे कारखाने में काला बैच अभियान चलाया गया, जिसमें हजारों कर्मचारियों ने भागीदारी निभाई। आज का सामूहिक भोजन उसी संघर्ष की मजबूत कड़ी है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रबंधन शीघ्र मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो यूनियन आंदोलन को और उग्र करते हुए तानाशाही रवैये के खिलाफ पुतला दहन जैसे कदम उठाने को बाध्य होगी।
वहीं यूनियन के अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह शेखावत ने कारखाने में व्याप्त भ्रष्टाचार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की अनियमितताओं को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यूनियन जल्द ही भेल के सीएमडी, सीवीओ, सीवीसी, भारी उद्योग मंत्रालय और पीएमओ को पत्र लिखकर इन मामलों की उच्चस्तरीय जांच की मांग करेगी तथा दोषियों को सजा दिलाने के लिए दबाव बनाएगी। इस संबंध में शीघ्र ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी आयोजित की जाएगी। इस मौके पर यूनियन के कोषाध्यक्ष शाहिद अली, वरि. उपाध्यक्ष सादिक खान, कुलदीप मौर्य, नितिन नकोदिया, अशोक पटेल, अरविंद राज, गया प्रसाद, कौशल किशोर वामने, डमरूधर पिंग, रवि सोलंकी, राजेश रजक, शमीम खान सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।