28 जनवरी को सीटू यूनियन ने भेल प्रबंधन को हड़ताल का नोटिस दिया, अब जबरन रिटायरमेंट के आदेश होंगे वापस, 4 फरवरी को लेबर कोर्ट में सुलह बैठक
भोपाल।
भेल भोपाल में कर्मचारियों एवं अधिकारियों को जबरन रिटायर (प्री-मैच्योर रिटायरमेंट) किए जाने के विरोध तथा कर्मचारियों की ज्वलंत मांगों को लेकर ‘भेक्टू–सीटू’ यूनियन ने 28 जनवरी को हड़ताल का नोटिस दिया था। इस नोटिस को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय श्रम आयुक्त (केंद्रीय), भोपाल ने औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत सुलह प्रक्रिया प्रारंभ की है।
श्रम आयुक्त द्वारा जारी पत्र के अनुसार, भेल भोपाल के कार्यपालक निदेशक एवं भेक्टू–सीटू यूनियन के महामंत्री रंजीत सिंह को 4 फरवरी 2026 को दोपहर 12:30 बजे लेबर कोर्ट/क्षेत्रीय श्रम आयुक्त कार्यालय, भोपाल में सुलह चर्चा के लिए बुलाया गया है। यह बैठक धारा 12 के अंतर्गत आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालना है।
इस बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लेबर कोर्ट में सुलह बैठक से पहले ही भेल प्रबंधन जबरिया रिटायरमेंट (प्री-मैच्योर रिटायरमेंट) से संबंधित आदेशों को वापस ले रही है। इसके साथ ही जिन कर्मचारियों व अधिकारियों को जबरन रिटायर किया जा रहा था, उन्हें पुनः ड्यूटी ज्वाइन करने का अवसर दिया जाएगा।
श्रम आयुक्त ने दोनों पक्षों को निर्देशित किया है कि वे बैठक में स्वयं या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से उपस्थित होकर सभी संबंधित दस्तावेज, साक्ष्य तथा अपना लिखित पक्ष प्रस्तुत करें। साथ ही सुलह की अवधि के दौरान औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धाराओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इस पूरे घटनाक्रम को कर्मचारियों के पक्ष में एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें 4 फरवरी को होने वाली सुलह बैठक पर टिकी हैं, जिससे भेल भोपाल में कर्मचारियों की शेष मांगों पर भी सकारात्मक समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।